लखनऊ, नवम्बर 14 -- जनता का शोषण करने के लिए नक्शे निरस्त कर रहे थे आवास विकास के वास्तुविद नियोजक लखनऊ। विजय वर्मा वृंदावन योजना के अपने प्लाट का नक्शा पास कराने के लिए एक पीसीएस अधिकारी ने आवास विकास में आनलाइन आवेदन किया। लेकिन यहां के वास्तुविद नियोजकों, सहायक नियोजकों ने उनका नक्शा छह बार कोई न कोई कारण दिखाकर निरस्त कर दिया। उन्होंने वास्तुविद कार्यलय में सम्पर्क किया। यहां एक खास आर्किटेक्ट का नाम बताया गया। वह उसके पास पहुंचे। उसने नक्शे की अपनी फीस के अलावा पांच लाख रुपए अतिरिक्त मांगे। हालांकि उन्होंने पैसा नहीं दिया। अपने परिचित अधिकारी से सिफारिश लगवायी। तब भी उनका नक्शा पास होने में आठ महीने लग गए। पीसीएस अधिकारी के भूखण्ड का नक्शा वास्तुविद नियोजकों ने कभी दाखिल-खारिज पत्र न होने, कभी कब्ज़ा पत्र गायब होने, कभी नक्शे में खामी...
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