बरेली, मार्च 18 -- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की चयन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों के कारण हजारों पात्र परिवारों के वंचित रहने का मुद्दा सांसद नीरज मौर्य ने उठाया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि वर्ष 2026 में भी लाभार्थियों का चयन 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर क्यों किया जा रहा है और सूची से छूटे पात्र परिवारों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है। सांसद ने विशेष रूप से रामगंगा किनारे रहने वाले भूमिहीन और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अलग प्रावधान की मांग की। साथ ही बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर में पिछले तीन वर्षों में स्वीकृत और पूर्ण मकानों का विवरण तथा अवैध वसूली की शिकायतों की जांच के लिए केंद्रीय टीम भेजने का भी सवाल उठाया। सरकार की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि बरेली में 9,201 में से 9,127, बदायूं में 27,230 में ...
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