मधुबनी, अप्रैल 25 -- शैलेंद्र कुमार मधुबनी,। जिले में गरीबों को पक्का घर देने की महत्वाकांक्षी योजना जमीनी स्तर पर गंभीर संकट से जूझ रही है। सरकारी सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि आज भी बड़ी संख्या में परिवार खुले आसमान के नीचे या अधूरे घरों में रहने को मजबूर हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों की है, जिनके लिए आवास एक दूर का सपना बना हुआ है। नए सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 5 लाख 77 हजार 134 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास अपना पक्का और सुरक्षित घर नहीं है। इनमें 1,20,301 एससी और 4,539 एसटी परिवार शामिल हैं, जो आज भी झोपड़ी, कच्चे मकान या खुले आसमान के नीचे जीवन गुजार रहे हैं। यह भी पढ़ें- पीएम आवास के लाभार्थियों का करीब 70 प्रतिशत नाम पोर्टल से गायब भीषण गर्मी में तपती जमीन और बरसात में टपकती छत इनके जीवन की कठोर स...