आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर
नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों को व्यवसायिक इस्तेमाल में बदलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए, एक न्यायिक आयोग बनाया है। आयोग की अध्यक्षता पूर्व जज जस्टिस सुधांशु धूलिया करेंगे। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान बताया कि यह आयोग मेरठ के बाहरी इलाके उल्देपुर में उस जमीन की प्रकृति की गहन जांच करेगा, जहां ये अवैध आवासीय कॉलोनियां बनी हैं। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अध्यक्ष पी. गुरुप्रसाद की रिपोर्ट देखने के बाद पीठ ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट पढ़कर हमें हैरानी और परेशानी हुई है कि उल्देपुर में सैकड़ों अवैध रिहायशी कॉलोनियां बन गई हैं। यह भी पढ़ें- Meerut News: उल्देपुर में 15 अवैध कॉलोनियों पर गरजेगा बुलडोजर पीठ ने गौर किया कि विभाग ने मेरठ...
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