रांची, मार्च 20 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों के मानदेय भुगतान संबंधी हालिया आदेश को आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक संघ ने एकतरफा और अनुचित बताया है। संघ ने विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी को ओर से 18 मार्च को जारी आदेश को- तुगलकी फरमान, बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि यह निर्णय बिना पूर्व सूचना, संवाद और सहमति के एकतरफा तरीके से लिया गया है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। संघ के महासचिव डॉ राम कुमार तिर्की ने कहा कि मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में विश्वविद्यालय की ओर से इस प्रकार का आदेश जारी करना न्यायिक प्रक्रिया की अवमानना जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू...
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