फरीदाबाद, अक्टूबर 24 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। शहर में डीएपी खाद की किल्लत से किसानों की समस्या बढ़ गई है। खाद की कमी के कारण किसानों को रबी सीजन की बुवाई करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे किसान प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर है। जिले में लगभग 26,650 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इसमें से करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र गेहूं और 40 प्रतिशत क्षेत्र सरसों व अन्य रबी फसलों के अंतर्गत आता है। इनमें धौज, तिलपत, अरुआ, घाटा व घरोड़ा मुख्य रूप से कृषि बेल्ट हैं। वहीं पूरे प्रदेश की बात करें तो कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दक्षिण हरियाणा में 9 लाख 21 हजार 455 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसलों गेहूं और सरसों की बुवाई का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 91 हजार 200 मीट्रिक टन डीएपी की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.