फर्रुखाबाद कन्नौज, मार्च 21 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। जनपद में मंदी के समय शीतगृहों से आलू सड़कों पर फेंक दिया जाता है इससे संक्रमण का भी खतरा बन जाता है। इसको लेकर यदि सड़कों पर आलू फेंकने की बजाय उसके व्यवसायिक उपयोग की नीति बने तो यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है। आलू विपणन संघ के निदेशक अशोक कटियार ने इसको लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि जनपद में 110 से अधिक कोल्ड स्टोरेज हैं और सैकड़ों मीट्रिक टन आलू का भंडारण होता है। शीतगृह से जब आलू निकलने की बारी आती है तो मंदी की स्थिति में आलू किसान कोल्ड स्टोरेज में छोड़ देते हैं और यही आलू सड़कों पर फेंक दिया जाता है। उन्होने कहा कि इससे शीतगृहों के आस पास लोगों को दुर्गंध से परेशानी होती है और संक्रमण भी फैलने का खतरा बना रहता है। यदि नीति बनाकर सभी कोल्ड स्टोरेज से इस कचरे से जैव...
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