संभल, अप्रैल 2 -- ग्रामीण इलाकों में इस समय किसान भारी आर्थिक दबाव से गुजर रहे हैं। एक ओर आलू की फसल का बाजार भाव गिरकर करीब 400 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गया है, जिससे उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर पशुओं के चारे के लिए जरूरी भूसा 1200 रुपये प्रति कुंतल तक बिक रहा है, जो किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। आलू की खेती में इस बार किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। लागत बढ़ने, मौसम की मार और बाजार में उचित दाम न मिलने से किसान परेशान हैं। वहीं, पशुपालन करने वाले किसानों को चारे की ऊंची कीमतों के कारण और अधिक खर्च करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, खेती और पशुपालन दोनों ही क्षेत्रों में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे ने किसानों की स्थिति को और कठिन बना दिया है। किसान अब सरकार से राहत और उचित समर्थन मूल्य की मांग कर रहे ...