सुल्तानपुर, दिसम्बर 17 -- बल्दीराय संवाददाता। रबी के सीजन में आलू की अगेती फसल किसानों के लिए मुनाफे का सौदा होती है। लेकिन जरा सी लापरवाही होने पर आर्थिक नुकसान पड़ जाता है। जिन किसानों ने आलू की खेती की है, उन्हें इस समय ठंड बढ़ने के साथ-साथ पाला एवं झुलसा रोग का खतरा सताने लगा है। ऐसे में किसानों को समय रहते जरूरी बचाव करते हुए फसल के उपचार करने की आवश्यकता है। जिसको देखते हुए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र बरासिन के पूर्व वैज्ञानिक वीपी सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि ठंड के मौसम में कई दिनों तक बादल युक्त मौसम होने के कारण वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में आलू को झुलसा रोग से बचाने की जरूरत है। वातावरण में 80 फीसदी से अधिक नमी एवं 10 से 20 डि...
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