सहारनपुर, फरवरी 11 -- मदरसा दारुल उलूम निसवां में वार्षिक कार्यक्रम में तालिबा (छात्राओं) को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाया गया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में 72 छात्राओं को सम्मानित किया गया। ईदगाह रोड स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम का आगाज छात्रा शुमाइला हाशिम की तिलावत-ए-कलाम पाक और आफरीन फरमान एवं शाजिया यूनुस की नात-ए-पाक से हुआ। इस दौरान मौलाना नजीफ अहमद अजहरी ने कहा कि धार्मिक शिक्षा को बढ़ावा देकर समाज में एक नेक क्रांति लाना दारुल उलूम निसवां का मुख्य उद्देश्य है। संस्था इसी मकसद के लिए एक दशक से कोशिश कर रही है। संस्थापक मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने छात्राओं को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाते हुए की समाज में जागरुकता लाने के लिए महिलाओं का शिक्षित होने को आवश्यक बताया। कहा कि हमें इस्लाम की शिक्षाओं को गंभीरता से अपनी जिंदगी में...