आलस्य और प्रमाद कर्मबंधन के मुख्य कारण बनते हैं: स्वाध्यायी जी
रांची, सितम्बर 10 -- रांची, वरीय संवाददाता। दिगंबर जैन भवन, हरमू में पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन यत्न दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यह भी पढ़ें- किशनगंज : समायिक दिवस पर आत्मशुद्धि एवं समता का संदेशधार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन इस दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में स्वाध्यायी जी ने कहा कि जीवन का प्रत्येक कार्य प्रसन्नता, समभाव और सजगता के साथ करना चाहिए, क्योंकि आलस्य और प्रमाद कर्मबंधन के मुख्य कारण बनते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को माता-पिता का सम्मान करने और हर परिस्थिति को सहजता से स्वीकार करने का संदेश दिया। प्रवचन के दौरान अंतःगड़ सूत्र के वाचन में गजसुकुमाल मुनि के अद्भुत समभाव और क्षमा का प्रसंग सुनाया गया। स्वाध्यायी जी ने बताया कि भीषण यातना सहने के बाद भी मुनि ने क्रोध या द्वेष नहीं किया और समता बनाए रखी। इसी अप...
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