रांची, अप्रैल 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम की डिस्चार्ज पिटीशन पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। आलमगीर आलम पर ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर के आवंटन में भारी कमीशनखोरी और मनी लाउंड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। यह मामला तब सुर्खियों में आया था, जब ईडी ने आलमगीर आलम के तत्कालीन सचिव संजीव लाल और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में लगभग 32 करोड़ रुपये की नकद बरामद हुआ था। ईडी का दावा है कि यह पैसा टेंडर के बदले वसूला गया कमीशन था, जिसका एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर सीधे मंत्री तक पहुंचता था। इसी आधार पर ईडी ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था।
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