बागपत, अप्रैल 12 -- बड़ौत। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज कार्यालय व आर्य समाज पट्टी चौधरान में यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके अलावा पट्टी चौधरान में भी यज्ञ हुआ। यज्ञ के ब्रह्म जसवीर मलिक और यजमान प्रेम सिंह राणा रहे। राजेंद्र कुमार आर्य ने कहा कि वैदिक विचारधारा में मृत्यु का कोई स्थान नहीं है। क्योंकि आत्मा केवल शरीर को धारण करती है मृत्यु शरीर की होती है आत्मा की नहीं। विद्वानों का कथन है की कोई वस्तु नष्ट नहीं होती, उसका रूपांतरण होता रहता है। उसी प्रकार शरीर एवं आत्मा का भी रूपांतरण होता है। यज्ञ में सत्यपाल पथोलिया, डा. ओमवीर सिंह, हरवीर सिंह, तेजेंद्र चौहान, श्योराज सिंह, ओमप्रकाश, विजेंद्र, नरेंद्र, डा. हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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