बस्ती, मार्च 28 -- बस्ती, निज संवाददाता। श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम थे, वह युगपुरुष, आदर्श राजा, ईश्वरभक्त, मातृ-पितृ भक्त, आदर्श भाई, पुत्र, शिष्य, प्रजापालक थे। वह धर्म के साक्षात रूप थे। उनके चरित्र का अनुकरण करना पूरे विश्व के लिए गौरव का विषय है। यह बातें ओम प्रकाश आर्य प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ने रामनवमी के अवसर पर आयोजित यज्ञ के अवसर पर कही। योगाचार्य गरुणध्वज पाण्डेय ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि यदि किसी मनुष्य को धर्म का साक्षात स्वरुप देखना हो तो उसे वाल्मीकि रामायण का अध्ययन करना चाहिये। महर्षि दयानन्द ने आर्यसमाज की स्थापना करके रामचन्द्र के काल में प्रचलित धर्म व संस्कृति को ही प्रचारित व प्रसारित किया है। प्रधानाध्यापक आदित्य नारायण गिरि ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने मानव समाज ...