नई दिल्ली, अगस्त 3 -- नोएडा। प्रमुख संवाददाता सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आर्थिक प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण मानक अवश्य है, लेकिन यह अपने-आप में नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य, गरिमा, सामाजिक विश्वास, स्थिरता, मानवीय विकास और समग्र खुशहाली को पूरी तरह नहीं दर्शा सकता। उक्त बातें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव व आईएएस (सेवानिवृत्त) आलोक रंजन ने अपनी पुस्तक बियॉन्ड जीडीपी: इन परसूट ऑफ मेजरिंग हैप्पीनेस पर सोमवार को डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया स्थित ओम बुक शॉप में पुस्तक हस्ताक्षर एवं पाठक संवाद कार्यक्रमके अंतर्गत एक बातचीत में कही।

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम इस अवसर पर उन्होंने पाठकों से अनौपचारिक संवाद किया, पुस्तक पर हस्ताक्षर किए और पुस्तक के मूल विचारों पर चर्चा की।

लेखन की प्रेरणा उन्होंने कहा कि मुझे लिखने का शौक पहले से...