आगरा, दिसम्बर 27 -- पित्ताशय के कैंसर से जूझ रही 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला की उजाला सिग्नस रेनबो हास्पिटल में जटिल सर्जरी कर जान बचाई गई। मरीज को गंभीर पीलिया, सेप्सिस और बहु-अंग विफलता के खतरे के साथ अस्पताल लाया गया था। इलाज के बाद मरीज ठीक है। गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डा. अनिमेष गुप्ता ने बताया कि आगरा निवासी विमला को एक सप्ताह से पीलिया, पेट दर्द और मानसिक भ्रम था। अस्पताल आने पर उनकी सांस तेज थी, बीपी कम था और सेप्टिक शॉक की स्थिति में पहुंच चुकी थीं। जांच में लिवर-किडनी खराब और गंभीर संक्रमण मिला। मरीज को तुरंत ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक्स और दवाओं का सपोर्ट दिया गया। संक्रमण का स्रोत पित्त की नली में था, इसलिए उन्होंने तुरंत एक विशेष प्रक्रिया (ईआरसीपी) करके वहां स्टेंट डाली। इससे पित्त नली में जमा मवाद और संक्रमित मलबा बाहर निकाला गय...