आरोप तय होने के बाद संज्ञान रद्द कराने की कोशिश, याचिका की खारिज
रांची, अगस्त 18 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने 1.50 लाख रुपये की कथित ठगी मामले में आरोप तय होने के बाद केवल संज्ञान आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस अनिल चौधरी की अदालत ने महेश गोस्वामी और जयदीप मुखर्जी की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया। मामला रामगढ़ के मांडू (कुज्जू) ओपी कांड संख्या 48/2017 से जुड़ा है। इसमें दोनों के खिलाफ धारा-420 और 34 के तहत संज्ञान लिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने संज्ञान आदेश को रद्द करने का आग्रह किया था। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मामले में आरोप भी तय हो चुका है। हालांकि, आरोप तय करने के आदेश को याचिकाकर्ताओं ने चुनौती नहीं दी थी। अदालत को यह भी बताया गया कि अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हो चुकी है और मुकदमा अब बचाव पक्ष के साक्ष्य के चरण में है। बचाव साक्ष्य के लिए 20 अगस्त ...
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