आरोपी की जमानत निरस्त करने के लिए ठोस और पर्याप्त आधार जरूरी, हाईकोर्ट की टिप्पणी
नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी आरोपी की जमानत निरस्त करने के लिए ठोस और पर्याप्त आधार होना जरूरी है। केवल इस आधार पर जमानत रद्द नहीं की जा सकती कि पहले उसकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी। यदि आरोपी ने जमानत पर रिहा होने के बाद स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया, गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का कोई प्रमाण नहीं है, तो जमानत निरस्त करने का औचित्य नहीं बनता। न्यायमूर्ति समित गोपाल ने महोबा के अमित कुमार वर्मा हत्याकांड में आरोपियों जुनैद खान उर्फ शिब्बू और अर्शील उर्फ अमान की जमानत निरस्त कराने की मांग वाली अपीलें खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अपील मृतक के भाई हिरदेश कुमार ने दाखिल की थी। कोर्ट ने कहा कि जमानत देने के आदेश और जमानत निरस्त करने के प्रश्न पर विचार कर...
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