नई दिल्ली, जनवरी 4 -- लाल किले के पास धमाके से जुड़े सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल की जांच में पता चला है कि आरोपी चिकित्सकों ने पाकिस्तानी आकाओं से बात करने के लिए 'घोस्ट' सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड ऐप के जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच से जुड़े अधिकारियों ने रविवार को यह दावा किया। अधिकारियों ने बताया कि इस आतंकी मॉड्यूल और धमाके की जांच में पता चला है कि गिरफ्तार चिकित्सकों मुजम्मिल गनई, अदील राथर और अन्य ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए एक रणनीतिक 'डुअल-फोन' प्रोटोकॉल के तहत 'घोस्ट' सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। बताया कि गत 10 नवंबर को लालकिले के पास विस्फोटकों से लदा वाहन चलाते समय हुए धमाके में मारे गये डॉ. उमर सहित प्रत्येक आरोपी के पास दो से तीन मोबाइल फोन थे। वे सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए ऐसा करते थे। इनमें से एक फोन उनके नाम स...