नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान एक मुस्लिम व्यक्ति को कथित तौर पर गोली मारने की घटना में दिल्ली पुलिस की जांच की आलोचना की है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह टिप्पणी मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश को रद्द करते हुए की, जिसमें उन्होंने इस मामले में अलग से FIR दर्ज करने के लिए कहा था। हाई कोर्ट ने पाया कि घोंडा इलाके में हुई हिंसा के संबंध में पहले से ही एक सामान्य FIR दर्ज है और इस घटना की जांच पहले से दर्ज FIR के हिस्से के तौर पर की जा सकती है। सुनवाई के दौरान जांच में विरोधाभासों और कमियों को देखते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की खिंचाई की और कहा कि, 'यह बिल्कुल साफ है कि FIR को लेकर चुनिंदा और खराब जांच की गई है।' कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस ने पीड़ितों के बयान जानबूझकर दर्ज...
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