नई दिल्ली, अप्रैल 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। एक पूर्व महिला सब-इंस्पेक्टर को अदालत ने आरोपपत्र पर वरिष्ठ अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर करने और इसे कोर्ट में दाखिल करने का दोषी ठहराया है। दोषी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को धमकी भरा संदेश भेजने का जुर्म भी साबित हुआ है। न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ गोयल की अदालत ने कहा कि पुलिस अधिकारी का यह कृत्य न्यायिक रिकॉर्ड की पवित्रता पर हमला है। अदालत ने फैसले में कहा है कि साक्ष्यों से यह साबित होता है कि सब-इंस्पेक्टर कविता माथुर ने सरकारी दस्तावेज की जालसाजी की। उसने सरकारी कार्यों पर असर डालने के मकसद से नकली दस्तावेज को असली बताकर इस्तेमाल किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार सब-इंस्पेक्टर कविता माथुर वर्ष 2015 में पालम गांव पुलिस थाने में तैनात थीं।एसआई को एक आपराधिक मामले से जुड...