अररिया, मई 1 -- अररिया,निज संवाददाता 93 फीसदी मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जब से वर्तमान सरकार केन्द्र में आयी है। यूपीए ने जो श्रमिकों के लिए कानून बनाये थे उसपर हमला हो रहा है। श्रमिकों के अधिकारी को छिनने का प्रयास किया जा रहा है। यह भी पढ़ें- एक अप्रैल से लागू है नई न्यूनतम मजदूरी दर, अतिकुशल मजदूरों को प्रतिदिन 662 रुपयेश्रमिकों की स्थिति आठ घंटे का काम,आठ घंटा आराम और आठ घंटा मनोरंजन से जुड़े आंदोलन से मजदूरों को सफलता मिली लेकिन देश के असंगठित मजदूरों के लिए यह आज भी सच नहीं है । मजदूरों का 10 से 12 घंटा काम करना आम बात है। नए लेबर कोड में भी काम के घंटे को लेकर ढिलाई ही हुई है। अब दिन में अधिकतम 12 घंटा तक के कार्यविधि को कानूनी मंजूरी मिल गई है। इससे मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। यह बातें जनजागरण शक्ति संगठन के सच...
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