आरा में वैश्विक शिव शिष्य परिवार की कार्यशाला
आरा, अगस्त 18 -- आरा। वैश्विक शिव शिष्य परिवार के तत्वावधान में मंगलवार को शहर के ग्रैंड होटल के सभागार में शिव शिष्यता की पृष्ठभूमि, व्याप्ति एवं प्रयोजन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और महागुरु महादेव सहित साहब श्री हरीन्द्रानंदजी और दीदी नीलम आनंद जी के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुई। यह भी पढ़ें- सीतामढ़ी में शिव शिष्यता कार्यशाला आयोजितकार्यशाला के मुख्य वक्ता मुख्य वक्ता अर्चित आनंद ने शिव शिष्यता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि इसकी पृष्ठभूमि स्वानुभूतियों की एक लंबी यात्रा है। उन्होंने कहा कि साहब श्री हरीन्द्रानंद जी ने तमाम खोज के बाद वर्ष 1974 में शिव को गुरु माना, जिसके बाद 1980 के दशक से यह परंपरा देश-व्यापक रूप लेने लगी। उन्होंने कहा कि भगवान शिव कोई मात्र कल्पना नहीं, बल्कि हमा...
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