मथुरा, अप्रैल 4 -- ठाकुर राधा रमण लाल के स्वरूप में संत प्रेमानंद की छवि प्रस्तुत किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में ब्रजवासियों ने इस पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया। वक्ताओं ने कहा कि ठाकुर राधारमण लाल ब्रजवासियों की श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं, जिनके स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अस्वीकार्य है। संस्थापक सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि स्वामी प्रेमानंद के अनुयायियों द्वारा इस प्रकार की प्रस्तुति धार्मिक मर्यादाओं के विपरीत है और इससे तमाम श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। पंडित सत्यवान शर्मा ने कहा कि सनातन परंपरा में आराध्य देवों के स्वरूप का विशेष महत्व होता है, जिसे किसी भी व्यक्ति विशेष से जोड़ना या उसके स्थान पर प्रस्तुत क...