आराधना से भय होता है दूर, गुढ़ की बन जाता है ज्ञानी
भदोही, मार्च 24 -- भदोही, संवाददाता।आहिस्ता-आहिस्ता वासंतिक नवरात्र समाप्ति की ओर अग्रसर है। सोमवार को माता रानी के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता का भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। कालीन नगरी की फिजां में माता रानी की गूंज सुनाई दे रही हैं। मंदिर से लेकर घरों तक आस्था की बयार बह रही है। उधर, घरों, बाजारों, प्रतिष्ठानों पर केशसरिया ध्वज लहरा रहा है। पंडित गुरु वरदान ने बताया कि स्कंदमाता को ममताई माना जाता है। वह अज्ञानी को ज्ञानी बना देती हैं। आराधना से भक्त के भय, क्लेस दूर हो जाते हैं। सूर्य मंडल की अधिष्ठात्री होने के कारण उपासना के चेहरे पर तेज एवं चमक होती है। माता का व्रत, उपवास, पूजन करने से संतान की प्राप्ति होती है। माता को केले का भोग लगाकर दान करना चाहिए। गुड़हल, गुलाब समेत लाल पुष्प माता रानी को प्रिय हैं।उधर, शहर के शीतला माता मंदिर कट...
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