सीवान, जुलाई 16 -- महाराजगंज। अनुमंडल का सबसे पुराना एवं प्रतिष्ठित आरबीजीआर महाविद्यालय इन दिनों शिक्षकों, कर्मचारियों और आधारभूत सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहा है। वर्ष 1961 में स्थापित और 1977 से जयप्रकाश विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई रहे इस महाविद्यालय में हजारों छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोकप्रिय विषयों में शिक्षकों का अभाव, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी, जर्जर कक्षाएं और सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली कॉलेज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। यह भी पढ़ें- लोकप्रिय विषयों में भी शिक्षकों का टोटा यह भी पढ़ें- डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन, छात्र आये पर शिक्षक नहीं पहुंचे यह भी पढ़ें- जिस विषय में शिक्षक नहीं, उन विषयों में हजारों छात्रों का नामांकन

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