नई दिल्ली, मार्च 9 -- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद कर बैंकिंग प्रणाली में 50,000 करोड़ रुपये डाले। यह ओएमओ खरीद नीलामी बैंकिंग प्रणाली से बड़े पैमाने पर नकदी निकासी की आशंका को देखते हुए की गई। दरअसल, इस महीने के अंत में अग्रिम कर और जीएसटी के भुगतान होने वाले हैं। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, चालू कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से अब तक केंद्रीय बैंक ओएमओ के जरिये सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद कर लगभग 2.50 लाख करोड़ रुपये की नकदी डाल चुका है।

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