नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- मुंबई। बैंकों ने करीब 3.88 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी होने के बावजूद शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक की लंबी अवधि की 'परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो' (वीआरआरआर) नीलामी में कम दिलचस्पी दिखाई। आरबीआई को 10 दिन की नीलामी में 1.50 लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले केवल 18,170 करोड़ रुपये की ही बोलियां मिलीं। इसके उलट, तीन दिन की वीआरआरआर नीलामी में बैंकों ने 1.50 लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले 1,39,847 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं। इससे संकेत मिलता है कि बैंक अपनी अतिरिक्त नकदी को लंबी अवधि के बजाय कम अवधि के लिए केंद्रीय बैंक के पास रखना पसंद कर रहे हैं।

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