वाराणसी, मई 27 -- वाराणसी। नमो घाट पर रोज होने वाली सांस्कृतिक संध्या काशी वंदन में बुधवार को काशी की आरती कुमारी का गायन हुआ। उन्होंने शुरुआत दादरा 'डगर बीच कैसे चलूं...' से की। इसके बाद पारंपरिक झूला सुनाया। इसके बोल थे 'झूला धीरे से झुलाओ बनवारी...।' अंत में कजरी 'चांद मारे किरिनिया के बान हो करेजवा पे तान तान के...' से समापन किया। उनके साथ तबला पर पार्थ चतुर्वेदी एवं हारमोनियम पर श्रेष्ठ ने संगत की।

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