नई दिल्ली, जुलाई 22 -- महेंद्र नाथ पांडेय,पूर्व केंद्रीय मंत्री कुछ समय पूर्व नंदगांव स्थित श्रीनंद बाबा मंदिर (मथुरा) में दर्शन का अवसर मिला। पूजा-अर्चना के उपरांत जब आरती की थाली श्रद्धालुओं के मध्य पहुंची, तो उसमें पुष्प, अक्षत और दक्षिणा के साथ एक क्यूआर कोड भी ससम्मान स्थापित था। श्रद्धालु उसी श्रद्धा भाव से, जिससे वे वर्षों से दान-पात्र में मुद्रा अर्पित करते आए हैं, अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल दक्षिणा समर्पित कर रहे थे। उस क्षण सहज ही मन में विचार आया, यह केवल तकनीक का प्रवेश नहीं, बल्कि भारत की उस जीवंत सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है, जो समय के साथ स्वयं को रूपांतरित तो करती है, किंतु अपने मूल भाव को नहीं छोड़ती। वास्तव में, द्रव्य दक्षिणां समर्पयामि की वैदिक परंपरा आज डिजिटल भुगतान के माध्यम से एक नए युग में प्रवेश क...