नई दिल्ली, जुलाई 22 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। द्वारका जिला अदालत ने करीब 13 साल पुराने एक सड़क हादसे के मामले में फैसला सुनाया कि भले ही दुर्घटना के लिए चालक की लापरवाही साबित न हो पाई हो, लेकिन फर्जी लाइसेंस का इस्तेमाल करना कानून की नजर में गंभीर अपराध है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पंकज राय की अदालत ने ट्रक चालक हरीश चंद्र को लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की जांच रिपोर्ट के आधार पर उसे फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया है। मामला सात दिसंबर 2013 का है। यह भी पढ़ें- Bhadoni News: सड़क दुर्घटना में मौत होने पर ड्राइविंग लाइसेंस होगा निलंबित ढांसा बॉर्डर के पास एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से सड़क पार कर रही सोना नामक महिला...