वाराणसी, जनवरी 15 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। वंचित और अलाभित वर्ग के बच्चों को बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश की व्यवस्था में इस वर्ष कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। इस बार से अनाथ बच्चों को भी आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश देकर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा एचआईवी और कैंसर पीड़ित माता-पिता के बच्चों को भी आरटीई के तहत प्रवेश के अवसर दिए जाएंगे। समग्र शिक्षा और बेसिक शिक्षा महानिदेशालय की तरफ से जारी एक आदेश में अनाथ और विभिन्न आश्रमों में रहने वाले बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए मौके देने के आदेश दिए गए हैं। इन बच्चों के अभिभावक के तौर पर आश्रम के प्रबंधक की आईडी मान्य होगी। आरटीई में अब तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक...
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