मुरादाबाद, जनवरी 22 -- बीते दिनों प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में शिक्षा का एक संवेदनशील मुद्दा उठा। बैठक में आरोप लगाए कि आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत निजी व सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है। कई विद्यालयों में इन बच्चों को अन्य छात्रों से अलग बैठाया जाता है और कुछ जगहों पर तो इनके लिए अलग से कक्षाएं तक संचालित की जा रही हैं। यह बात सामने आते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बैठक में कहा गया कि आरटीई के अंतर्गत प्रवेश पाने वाले बच्चे भी उतने ही सम्मान और सुविधाओं के हकदार हैं, जितने सामान्य शुल्क देकर पढ़ने वाले छात्र। बावजूद इसके कुछ स्कूल सामाजिक भेदभाव जैसा व्यवहार कर रहे हैं, जिससे बच्चों का मनोबल टूट रहा है। अभिभावकों में भी रोष बढ़ रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते ...