फरीदाबाद, मई 29 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला नहीं देने के मामले में फरीदाबाद पूरे प्रदेश में सबसे खराब स्थिति में पहुंच गया है। शिक्षा निदेशालय ने ऐसे स्कूलों को 30 जून तक का अंतिम समय दिया है। इसके बाद भी यदि चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया गया, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस बार शिक्षा निदेशालय ने आरटीई के तहत दाखिला प्रक्रिया मार्च माह से ही शुरू कर दी थी। निजी स्कूलों से आरक्षित 20 प्रतिशत सीटों का ब्यौरा मांगा गया था। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में करीब 80 निजी स्कूलों ने इस प्रक्रिया में भागीदारी दिखाई थी। इसके बाद इच्छुक अभिभावकों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए और लॉटरी सिस्टम के जरिए छात्रों का चयन किया गय...