लखनऊ, अप्रैल 15 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। आरटीई (शिक्षा के अधिका) के तहत निजी विद्यालयों में नामांक़न के लिए चयनित 1,95,750 बच्चों में से करीब 90 हजार बच्चों को अभी नामांक़न नहीं मिला है। ज्यादातर निजी स्कूल बच्चों के अभिभावकों को नामांक़न के नाम पर टरकाने में लगे हैं। 15 अप्रैल तक करीब 1.05 लाख बच्चों का ही प्रवेश हो सका है। शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को अब एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है।बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सभी जिलों से रोजाना गूगल शीट के माध्यम से प्रवेश की रिपोर्ट ली जा रही है, ताकि प्रगति की लगातार निगरानी हो सके और कोई भी बच्चा छूटने न पाए। प्रवेश में देरी के पीछे कई कारण सामने आए हैं। कुछ जगहों से निजी स्कूलों द्वारा प्रवेश देने से मना करने की शिकायतें मिल रही हैं, जिस प...
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