कानपुर, मार्च 8 -- मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) में उन स्कूलों की जांच कराई जाए जिनके यहां कई सेक्शन चलते हैं लेकिन मैपिंग केवल एक सेक्शन की कराई गई है। आरटीई का दायरा 12वीं तक बढ़ाया जाए ताकि आठवीं के बाद किसी बच्चे का नुकसान न हो। संदीप पांडेय रविवार को घरेलू महिला कामगार यूनियन के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित घरेलू महिला कामगारों के अधिकार और मेधावी बच्चों के सम्मान समारोह पर बारात घर गोविंद नगर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अदालत ने आदेश दिया था कि सभी सरकारी कर्मचारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाना अनिवार्य किया जाए पर इसपर अमल नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि आरटीई में कई तरह से खेल किए जा रहे हैं। स्कूलों को मैपिंग के बाद बंद दिखाया जा रहा है। यदि स्कूल बंद हो तो उसके ...