गया, मार्च 9 -- गरीब बच्चे भी नामचीन निजी विद्यालय में पढ़ेंगे। इसे लेकर सरकार गंभीर है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में कमजोर व अलाभकारी वर्ग के बच्चों का नामांकन कराना है। लेकिन, निजी विद्यालय प्रबंधन एडमिशन लेने में गंभीर नहीं है। अनदेखी व लापरवाही के कारण प्राइवेट स्कूल वाले आरटीई के लिए चयनित बच्चों का भी नामांकन लेने में विलंब कर रहे हैं। गया जिले में नए सत्र में नामांकन के लिए 4544 बच्चों का चयन हुआ है। पहले चरण के लिए 10 मार्च तक नामांकन लेने का समय जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से निर्धारित है। लेकिन, सोमवार तक रेंडमाइजेशन में चुने गए बच्चों में महज 20 फीसदी बच्चों का ही नामांकन हुआ है। 3574 आवेदन विद्यालयों के पास पेंडिंग पड़े हैं। ऐसी स्थिति को लेकर अभिभावकों में चिंता व रोष है। चिंता इस बात की है कि निजी...
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