कटिहार, दिसम्बर 13 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के अंतर्गत नियुक्त आरक्षित श्रेणी के शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। इसमें निवास, जाति और दिव्यांगता तीनों तरह के प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच होगी। कटिहार जिला भी इस राज्यव्यापी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सनद रहे कि पिछले वर्ष बीपीएससी के माध्यम से हुई शिक्षक नियुक्ति में, बिहार के कई जिलों में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र,फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र और फर्जी जाति प्रमाणपत्र जमा कर आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी हासिल करने के मामले सामने आए थे। यूपी, झारखंड, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के उम्मीदवारों द्वारा बिहार के अलग-अलग जिल...