नई दिल्ली, जून 13 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, लेकिन इसे 'सबसे गलत समझा' भी जाता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस न तो किसी खास स्थिति की प्रतिक्रिया है और न ही समाज के किसी वर्ग या राजनीतिक दल का विरोधी है। भागवत आरएसएस के शताब्दी समारोह के तहत यहां आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह भी पढ़ें- आरएसएस किसी राजनीतिक दल का विरोध नहीं : भागवतआरएसएस की पहचान भागवत ने कहा कि बाहरी लोगों को यह संगठन अर्धसैनिक बल जैसा लग सकता है, क्योंकि स्वयंसेवक वर्दी में मार्च करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक अखिल भारतीय व्यायामशाला जैसा लग सकता है, क्योंकि यह भारतीय खेलों और मार्शल आर्ट को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि लेकिन यह सिर्फ इतना ही नहीं है। बाहर से संघ ...