नई दिल्ली, मार्च 19 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना और भरण-पोषण के मामले में अधिवक्ता पति आशुतोष तिवारी और सास सुधा को दोषी पाते हुए दो-दो महीने के कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना सीधे पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश भी दिया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नेहा गर्ग ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी वास्तविक आय छिपाकर पत्नी और बच्चों की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। शिकायतकर्ता की शादी आशुतोष से 2012 में हुई थी, जिसमें वधू पक्ष ने करीब 12 लाख रुपये खर्च किए। शादी के कुछ समय बाद उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। गर्भावस्था के दौरान भी क्रूरता हुई और 2014 में उसे घर से निकाल दिया गया। सुनवाई में आरोपी ने दावा किया कि वह ट्रेनी अधिवक्ता है ...