चक्रधरपुर, सितम्बर 28 -- पश्चिमी सिंहभूम के गुदड़ी निवासी तीन वर्षीय श्रावणी के चेहरे पर बरसात के मौसम में बार-बार होने वाले इम्पेटिगो (त्वचा संक्रमण) में आयुष/होम्योपैथिक चिकित्सा से उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बच्ची कई वर्षों से बरसात के दौरान चेहरे पर घाव और पपड़ी की समस्या से परेशान थी। इस वर्ष संक्रमण बढ़ने पर उसकी मां ने आयुष चिकित्सक डॉ. कविता माईति से परामर्श लिया। चिकित्सकीय जांच के बाद बच्ची को निर्धारित उपचार और बाहरी रूप से लगाने की दवा दी गई। साथ ही नियमित फॉलोअप की सलाह दी गई। करीब 15 दिनों बाद हुई जांच में चेहरे के घाव और पपड़ी में काफी कमी पाई गई तथा संक्रमण के लक्षण लगभग समाप्त हो गए। यह भी पढ़ें- स्वास्थ्य शिविर में 48 ग्रामीणों का हुआ इलाज डॉ. कविता माईति ने कहा कि बच्चों में बार-बार होने वाली त्वचा संबंधी समस्या को नजर अंद...