कुशीनगर, अगस्त 14 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़े का एक ऐसा तरीका सामने आया है, जिसमें 'नाम मैच' ही फर्जी कार्ड बनाने की पहली कड़ी बन रहा है।

फर्जीवाड़े का तरीका सूत्रों का कहना है कि शातिर पहले आयुष्मान भारत की पात्रता सूची में ऐसे व्यक्ति का नाम तलाशते हैं, जिसका नाम और पारिवारिक विवरण उनके पास मौजूद किसी व्यक्ति से मेल खाता हो। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को दूसरी फैमिली आईडी से जोड़कर पात्रता का रास्ता बनाने की कोशिश की जाती है। कार्ड बनने के बाद वास्तविक लाभार्थी और फर्जी तरीके से जुड़े व्यक्ति के दस्तावेजों के बीच संबंध स्थापित करने का प्रयास किया जाता है।

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