मुंगेर, जून 20 -- मुंगेर, निज संवाददाता। देश के गरीब और वंचित परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मुंगेर जिले में अपनी अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। योजना की शुरुआत के लगभग 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग महज 50 प्रतिशत लक्षित लाभार्थियों तक ही पहुंच सका है। जिले के एक बड़े हिस्से को अब भी इस योजना के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये के सालाना मुफ्त इलाज के सुरक्षा कवच का इंतजार है। ​आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मुंगेर जिले में आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) बनाने का कुल लक्ष्य 9,93,012 लाभार्थियों का निर्धारित किया गया था। लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद केवल 4,92,612 लो...