देहरादून, जून 2 -- दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से धोखाधड़ी से साले का इलाज कराने के मामले में आरोपी जीजा-साले के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। मुख्य आरोपी अपने कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से अपने रिश्तेदार का हृदय रोग विभाग में इलाज करा रहा था। शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार रात केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर कोतवाल हरिओम राज चौहान ने बताया कि अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस बिष्ट ने तहरीर दी। बताया कि बीते 26 मई को गोविंदगढ़ निवासी मंजीत सिंह ने कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. सलिल गर्ग की देखरेख में मरीज को भर्ती कराने के लिए अपना आयुष्मान कार्ड लगाया और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की। 29 मई को जब मंजीत डिस्चार्ज फाइल लेकर आयुष्मान मित्र कुश भंडारी के पास पहुंचा तो नियमों के तहत उससे मरीज की बेड पर लेटी ...