अलीगढ़, फरवरी 10 -- अलीगढ़। मुक्ताकाश मंच पर मंगलवार को राष्ट्रीय आयुर्वेदिक-यूनानी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुर्वेदाचार्य वैद्य पदम दत्त पाठक ने की। सम्मेलन में आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी पद्धति की उपयोगिता, आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न रोगों के उपचार तथा प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि बदलती जीवनशैली में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां लोगों को सुरक्षित और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती हैं। विशेषज्ञों ने युवाओं को आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा से जोड़ने, अनुसंधान को बढ़ावा देने व आमजन में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। साथ ही रोगों की रोकथाम में खान-प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.