आयुर्वेद जीवन जीने की कला: वैद्य
रुडकी, अगस्त 31 -- रुड़की। आयुर्वेद के प्रणेता महर्षि चरक की जयंती पर भारत तिब्बत सहयोग मंच की ओर से संघ कार्यालय के सभागार में गोष्ठी का शुभारंभ नगर प्रचारक अमित सुंदरियाल ने दीप जलाकर किया। प्रदेश मंत्री वैद्य टेक वल्लभ ने कहा कि करीब ढाई हजार वर्ष पूर्व महर्षि चरक ने आयुर्वेद और स्वास्थ्य का पहला ग्रंथ चरक संहिता लिखा था। बताया कि इसमें शरीर और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया है। आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की कला है।
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