वाराणसी, अक्टूबर 8 -- वाराणसी। आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के प्रसूति तंत्र विभाग की ओर तीन दिवसीय प्रसूतिकॉन-2.0 बुधवार से शुरू हुआ। पहले दिन कार्याशाला में आधुनिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सीय विधियों का समन्वय देखने को मिला।

कार्यशाला में प्रदर्शन कार्यशाला में चार प्रमुख व्यावहारिक सत्र हुए, जिनमें दो प्रत्यक्ष शल्य चिकित्सा प्रदर्शन शामिल रहे। सर सुंदरलाल अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर से केएन उडुपा सभागार में सर्जरी का सीधा प्रसारण किया गया। करीब 230 प्रतिभागियों ने लाइव सर्जरी देखा और शल्य दल से सीधे अकादमिक संवाद किये। पहले लाइव प्रदर्शन में बड़े गर्भाशीय फाइब्रॉइड के मामले में लैप्रोस्कोपिक टोटल एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की गई। सर्जरी डॉ. मंदार रानाडे और डॉ. आशीष कुमार सिंह ने की, जबकि डॉ. शिल्पी सिंह...