आयुर्वेद की मूल धरोहर और न्यूरोथेरेपी के संरक्षण की मांग
मुजफ्फरपुर, सितम्बर 23 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। विश्व आयुर्वेद दिवस पर भारतीय न्यूरोथेरेपी संगठन के राष्ट्रीय संयोजक विपिन कुमार पाठक ने आयुर्वेद की मूल चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा, केवल दिवस मनाने से प्राचीन चिकित्सा व्यवस्था सुरक्षित नहीं होगी, ठोस पहल जरूरी है। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। आयुर्वेद के नाम पर सिंथेटिक दवाओं के इस्तेमाल और खेती में रासायनिक खाद व कीटनाशकों पर चिंता जताई। कहा, शरीर में प्राकृतिक उपचार क्षमता है, इसी आधार पर डॉ. लाजपत राय मेहरा ने नाड़ी मर्दन क्रिया को न्यूरोथेरेपी के रूप में विकसित किया। इसे मान्यता मिले और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। यह भी पढ़ें- आयुर्वेद दिवस पर सीसीआरएएस में पौधारोपण ...
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