कानपुर, फरवरी 27 -- कानपुर। केसीएएस सीपीई स्टडी सर्कल की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया। आयकर अधिनियम 2025 के तहत व्यवसाय एवं पेशे से होने वाले लाभ-हानि में हुए बदलाव पर चर्चा हुई। सीए गोविंद माहेश्वरी ने बताया कि नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 में व्यवसाय और पेशे से आय से जुड़े प्रावधानों को मूल रूप से बदला नहीं गया है। सीए विवेक खन्ना ने बताया कि री-असेसमेंट आयकर विभाग की वह प्रक्रिया है जिसमें पहले से पूरे हो चुके मूल्यांकन को तब दोबारा खोला जाता है जब विभाग को यह विश्वास हो कि कर योग्य आय का कोई हिस्सा छूट गया है या छिपाया गया है। यह कार्यवाही धारा 147 से 151 के तहत होती है और हाल के वर्षों में इसमें कई सुधार किए गए हैं ताकि प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और करदाता के अधिकार अधिक सुरक्षित रह सकें। संचालन सीए प्रशांत रस्तोगी व सीए नितिन सिंह ने आभ...