नई दिल्ली, मई 17 -- भारत में महंगाई एक बार फिर अपने चरम पर है और इसका असर सीधे लोगों की जेब पर पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह सिर्फ घरेलू बाजार नहीं, बल्कि दुनिया भर में बढ़ता तनाव भी है। अप्रैल 2026 में देश की थोक महंगाई दर यानी WPI इंफ्लेशन बढ़कर 8.3 प्रतिशत पहुंच गई है, जो पिछले करीब साढ़े तीन साल का सबसे ऊंचा स्तर है। खास बात यह है कि महंगाई में यह उछाल ऐसे समय आया है, जब अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये की कमजोरी भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले महीनों में लोगों को राहत मिलना आसान नहीं दिख रहा है। आइए समझते हैं कि क्या आने वाले दिनों में खाने-पीने वाली चीजें भी महंगी हो सकती हैं? यह भी पढ़ें- 6 साल में पहली बार वोडा-आइडिया को मुनाफा, अब Rs.13 वाले शेयर पर रहेगी नजर यह भ...